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आइसोलेशन के हर दिन के 4 हजार, ₹500 की पीपीई किट के ₹800 ले रहे, प्रशासन को शिकायत का इंतजार
कोरोना संक्रमण काल में प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाना और महंगा हो गया है। आइसोलेशन रूम के नाम पर चार्ज बढ़ा दिए हैं। प्रत्येक दिन का रूम चार्ज ₹4000 वसूला जा रहा है। इंदौर में कार्रवाइयां हो रही हैं, लेकिन उज्जैन में प्रशासन को शिकायत का इंतजार है। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा प्राइवेट हॉस्पिटल में ज्यादा शुल्क वसूला जाता है, तो शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पताल बिल में किट, सैनिटाइजर और ग्लब्ज का शुल्क जोड़ रहे हैं। मार्केट में किट ₹500 रु. की मिल रही है और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ₹800 ले रहे हैं। मार्केट में जो ऑक्सीजन ₹80 में मिल रही है उसे मरीजों को ₹100 में दी जा रही है। इसके अलावा भी अन्य चार्जेस बढ़ा दिए गए हैं।
ऐसे बढ़ा इलाज का भार

इंदौर में चार्जेस तय तो उज्जैन में क्यों नहीं
इंदौर में प्रशासन की ओर से प्राइवेट हॉस्पिटल में चार्जेस तय हैं। इससे ज्यादा चार्ज हॉस्पिटल प्रबंधन मरीजों से नहीं वसूल सकते हैं, लेकिन उज्जैन में चार्जेस तय नहीं किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि शासन की ओर से चार्जेस को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है। गाइडलाइन आती है तो उसका पालन करवाया जाएगा।
बड़ा सवाल- आरडी गार्डी के लिए भोपाल तक दौड़ने वाले मंत्री, सांसद और कांग्रेसी चुप क्यों हैं?
आम लोगों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली हाे रही है, लेकिन न भाजपा कुछ बोलने को तैयार है और न बिजली बिल पर हंगामा करने वाली कांग्रेस के नेता। बड़ा सवाल यह है कि ये चुप क्यों है?